हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर परीक्षा ली। कप्तान शाई होप के तूफानी शतक की बदौलत वेस्टइंडीज ने निर्धारित 20 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 247 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। शाई होप ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया। उनकी इस विस्फोटक पारी ने भारतीय टीम के सामने जीत के लिए बड़ी चुनौती पेश कर दी।
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने महज 50 गेंदों में नाबाद 102 रन बनाए। उनकी पारी में नौ छक्के और चार चौके शामिल रहे। होप ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और भारतीय गेंदबाजों को दबाव में रखा। उन्होंने सिर्फ 28 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। इसके बाद भी उनका बल्ला लगातार रन बरसाता रहा और आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर उन्होंने शतक पूरा किया।
दूसरे छोर पर शेरफेन रदरफोर्ड ने भी शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने केवल 26 गेंदों में नाबाद 49 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और तीन छक्के शामिल रहे। रदरफोर्ड और होप के बीच चौथे विकेट के लिए 91 रनों की नाबाद साझेदारी हुई। दोनों बल्लेबाजों ने अंतिम ओवरों में भारतीय गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला और टीम का स्कोर 247 रन तक पहुंचा दिया।
वेस्टइंडीज ने पारी की शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों को बैकफुट पर रखा। पावरप्ले के छह ओवर में टीम ने एक विकेट के नुकसान पर 79 रन बना दिए। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के खिलाफ पहले छह ओवरों में यह संयुक्त रूप से सबसे बड़े स्कोर में शामिल रहा। मेहमान टीम ने महज 7.4 ओवर में 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया। इस दौरान वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए।
शाई होप के साथ ज्वेल एंड्रयू ने भी तेजी से रन बनाने की कोशिश की। एंड्रयू ने 16 गेंदों में 21 रन बनाए, लेकिन अक्षर पटेल ने अपने पहले ही ओवर की पहली गेंद पर उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। इसके बाद शिमरोन हेटमायर क्रीज पर आए और उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी। हेटमायर ने केवल 12 गेंदों में 33 रन ठोक दिए। उनकी पारी में चार चौके और दो छक्के शामिल रहे।
भारतीय टीम को हेटमायर का विकेट प्रिंस यादव ने दिलाया। इसके बाद रोवमैन पॉवेल ने मोर्चा संभाला और 17 गेंदों में 24 रन बनाए। हालांकि, अर्शदीप सिंह की गेंद पर संजू सैमसन ने उनका कैच लपक लिया। लगातार विकेट गिरने के बावजूद वेस्टइंडीज की रन गति पर ज्यादा असर नहीं पड़ा, क्योंकि होप एक छोर पर मजबूती से टिके रहे।
भारतीय गेंदबाजों के लिए सबसे बड़ी परेशानी सही लाइन और लेंथ बनाए रखना रही। मयंक यादव और अर्शदीप सिंह ने अपने-अपने चार ओवर में 52-52 रन खर्च किए। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों से क्षेत्ररक्षण के दौरान भी गलतियां हुईं, जिसका फायदा वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को मिला। मयंक यादव ने रदरफोर्ड का कैच भी छोड़ दिया, जिससे वेस्टइंडीज को अतिरिक्त रन बनाने का मौका मिला।
मैच के 17वें ओवर में रदरफोर्ड ने मयंक यादव के खिलाफ दो छक्के और एक चौका लगाकर कुल 22 रन बटोर लिए। अंतिम ओवर में नीतिश कुमार रेड्डी गेंदबाजी करने आए तो शाई होप ने पहली ही गेंद पर चौका जड़ा। इसके बाद आखिरी दो गेंदों पर लगातार छक्के लगाकर उन्होंने अपना शतक पूरा किया और वेस्टइंडीज को विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया।
अब भारतीय टीम के सामने 248 रनों का लक्ष्य हासिल करने की चुनौती है। वेस्टइंडीज की ओर से शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उससे मुकाबला रोमांचक हो गया है। भारतीय बल्लेबाजों को जीत के लिए तेज शुरुआत के साथ विकेट भी बचाकर रखने होंगे। अब देखना होगा कि भारतीय टीम इस विशाल लक्ष्य को हासिल कर पाती है या वेस्टइंडीज के गेंदबाज स्कोर का बचाव करने में सफल रहते हैं।


