अगर आप हेल्दी खाना खाते हैं लेकिन फिर भी गैस, पेट फूलना, भारीपन और खराब डाइजेशन जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं, तो इसकी वजह सिर्फ आपकी डाइट नहीं, बल्कि गलत फूड कॉम्बिनेशन भी हो सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार कुछ खाद्य पदार्थों को एक साथ खाना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इन्हें ‘विरुद्ध आहार’ कहा जाता है।
आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का मानना है कि गलत फूड कॉम्बिनेशन पाचन शक्ति को कमजोर कर सकता है और शरीर में अधपचा भोजन जमा होने लगता है, जिसे ‘आम’ कहा जाता है।
आइए जानते हैं ऐसे 10 फूड कॉम्बिनेशन, जिनसे बचने की सलाह दी जाती है।
सबसे पहला है पालक और पनीर।
हालांकि यह कॉम्बिनेशन बेहद लोकप्रिय है, लेकिन माना जाता है कि पनीर में मौजूद कैल्शियम, पालक से मिलने वाले आयरन के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है।
दूसरा है शहद और बहुत गर्म पानी।
आयुर्वेद में शहद को गर्म करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसे सामान्य तापमान या हल्के गुनगुने पानी के साथ लेना बेहतर माना जाता है।
तीसरा है रात में दही खाना।
आयुर्वेद के अनुसार रात में दही खाने से पेट फूलना, बलगम और सुस्ती जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
चौथा है दूध और नमक।
इन दोनों की प्रकृति अलग मानी जाती है और इन्हें एक साथ खाने से पाचन प्रभावित हो सकता है।
पांचवां है खाना खाने के तुरंत बाद चाय पीना।
चाय में मौजूद टैनिन भोजन से मिलने वाले आयरन के अवशोषण को कम कर सकता है। इसलिए खाने के कम से कम 45 मिनट बाद चाय पीने की सलाह दी जाती है।
छठा है खाने के साथ कोल्ड ड्रिंक या बहुत ठंडा पानी।
बहुत ठंडे पेय पदार्थ पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं, जिससे गैस और भारीपन महसूस हो सकता है।
सातवां है बराबर मात्रा में घी और शहद।
आयुर्वेद में इन दोनों को समान मात्रा में मिलाकर खाने से बचने की सलाह दी जाती है।
आठवां है अंडा और चाय।
प्रोटीन युक्त भोजन के तुरंत बाद चाय पीने से पोषक तत्वों के अवशोषण पर असर पड़ सकता है।
नौवां और सबसे चर्चित है दूध और केला।
हालांकि बनाना शेक काफी लोकप्रिय है, लेकिन आयुर्वेद में इसे विरुद्ध आहार माना जाता है। दोनों ही भारी खाद्य पदार्थ हैं और इन्हें पचाने का तरीका अलग माना जाता है।
दसवां है मछली और दूध।
आयुर्वेद में इसे सबसे प्रमुख विरुद्ध आहार में गिना जाता है। दोनों की तासीर अलग मानी जाती है, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना बेहद जरूरी है।
इन सुझावों का आधार आयुर्वेदिक सिद्धांत और पारंपरिक मान्यताएं हैं। आधुनिक विज्ञान इन सभी दावों की समान रूप से पुष्टि नहीं करता है।
हर व्यक्ति का शरीर, पाचन क्षमता और भोजन सहने की क्षमता अलग होती है। इसलिए अगर किसी फूड कॉम्बिनेशन से आपको कोई परेशानी नहीं होती, तो जरूरी नहीं कि वही असर हर किसी पर हो।
सबसे जरूरी बात यह है कि अपने शरीर के संकेतों को समझें, संतुलित भोजन करें और वही डाइट अपनाएं जो आपके शरीर को सूट करती हो।


