फुटबॉल के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने एक बार फिर दुनिया को दिखा दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। 38 साल और 357 दिन की उम्र में मेसी ने FIFA वर्ल्ड कप में ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
मंगलवार को अल्जीरिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अर्जेंटीना ने 3-0 से शानदार जीत दर्ज की और इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे कप्तान लियोनेल मेसी, जिन्होंने शानदार हैट्रिक लगाई।
इस प्रदर्शन के साथ मेसी FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 2018 वर्ल्ड कप में स्पेन के खिलाफ हैट्रिक लगाने वाले क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। उस समय रोनाल्डो की उम्र 33 साल थी।
मेसी ने अपने 200वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को भी यादगार बना दिया। उन्होंने मैच में तीन अलग-अलग अंदाज में गोल किए और अपनी शानदार फॉर्म का प्रदर्शन किया।
पहला गोल 17वें मिनट में रोड्रिगो डी पॉल की तेज फ्री किक के बाद दूर से शानदार शॉट लगाकर किया। दूसरा गोल मैक एलिस्टर के शॉट के रिबाउंड पर बॉक्स के अंदर से किया गया, जबकि तीसरा गोल उन्होंने खुद शानदार रन बनाकर बेहतरीन कर्लिंग शॉट के जरिए दागा।
इस हैट्रिक के साथ मेसी ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। अब उनके नाम FIFA वर्ल्ड कप में कुल 16 गोल हो चुके हैं और उन्होंने जर्मनी के महान खिलाड़ी मिरोस्लाव क्लोज़ के सर्वाधिक 16 गोल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
इसके साथ ही उन्होंने ब्राजील के दिग्गज रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया है, जिनके नाम 15 गोल दर्ज हैं। वहीं, जर्मनी के गर्ड मुलर और फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे के 14-14 गोल के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया है।
दिलचस्प बात यह है कि मेसी ने यह उपलब्धि अपने पहले विश्व कप गोल के ठीक 20 साल बाद हासिल की है। उन्होंने साल 2006 में सर्बिया और मोंटेनेग्रो के खिलाफ अपने पहले विश्व कप मुकाबले में गोल किया था और अब दो दशक बाद इतिहास रच दिया है।
यह मेसी के करियर की 61वीं हैट्रिक है, जबकि अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के लिए यह उनकी 11वीं हैट्रिक रही।
इसके अलावा, मेसी ने लगातार पांचवें विश्व कप मैच में गोल करने का भी रिकॉर्ड कायम किया है, जो उनकी निरंतरता और फिटनेस का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
मैच के अंत में पूरा स्टेडियम खड़ा होकर मेसी का अभिवादन करता नजर आया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अपने पसंदीदा खिलाड़ी का स्वागत किया।
अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मेसी आने वाले मुकाबलों में मिरोस्लाव क्लोज़ का रिकॉर्ड तोड़कर फीफा विश्व कप इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन पाएंगे।
फिलहाल, मेसी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि फुटबॉल इतिहास के सबसे महान खिलाड़ियों में से एक हैं।


