चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम यानी चेपॉक में रविवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने घरेलू क्रिकेट की तस्वीर बदलने का संकेत दे दिया। दलीप ट्रॉफी फाइनल में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को देखने के लिए करीब 12 हजार दर्शक स्टेडियम पहुंच गए। तमिलनाडु क्रिकेट संघ ने मुकाबले के लिए सी, डी और ई ब्लॉक के निचले स्टैंड दर्शकों के लिए मुफ्त में खोले थे, लेकिन शायद किसी ने नहीं सोचा था कि इतनी बड़ी संख्या में क्रिकेट फैंस यहां पहुंच जाएंगे।
सुबह से ही प्रशंसक स्टेडियम में वैभव सूर्यवंशी की एक झलक पाने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही 15 वर्षीय बल्लेबाज बाउंड्री के पास प्रशंसकों का अभिवादन करने पहुंचे, पूरा माहौल शोर से गूंज उठा। फैंस लगातार ‘वैभव भाई, वैभव जी, वैभव’ के नारे लगाते नजर आए। घरेलू क्रिकेट में किसी युवा खिलाड़ी के लिए इस तरह की दीवानगी बेहद खास मानी जा रही है।
चेपॉक में उमड़ी यह भीड़ इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि घरेलू क्रिकेट के मुकाबलों में आमतौर पर इतने बड़े पैमाने पर दर्शक नजर नहीं आते। भारतीय क्रिकेट में इससे पहले भी दिग्गज खिलाड़ियों को देखने के लिए ऐसी भीड़ जुट चुकी है। विराट कोहली के 2025 में 12 साल बाद रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के लिए खेलने के दौरान भी बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंचे थे। इससे पहले सचिन तेंदुलकर के आखिरी प्रथम श्रेणी मैच के दौरान लाहली में करीब 15 हजार प्रशंसकों की मौजूदगी दर्ज की गई थी।
हालांकि वैभव सूर्यवंशी अभी अपने करियर के शुरुआती दौर में हैं, लेकिन आईपीएल 2026 में उनके विस्फोटक प्रदर्शन ने उन्हें देशभर में अलग पहचान दिला दी है। महज 15 साल की उम्र में जिस तरह उन्होंने बड़े मंच पर बल्लेबाजी की, उससे क्रिकेट फैंस और पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों का ध्यान उनकी ओर गया है। इंग्लैंड के जोस बटलर जैसे खिलाड़ी भी उनकी प्रतिभा की तारीफ कर चुके हैं और उन्हें टी20 क्रिकेट के कई रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता वाला बल्लेबाज मानते हैं।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में भी सूर्यवंशी ने अपने आक्रामक अंदाज की झलक दिखाई। पूर्व क्षेत्र की ओर से खेलते हुए उन्हें भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का सामना करना पड़ा। शुरुआत में सिराज और एमडी निधीश ने तेज और उछाल वाली गेंदों से युवा बल्लेबाज को परखने की कोशिश की। सूर्यवंशी ने शुरुआती गेंदों को समझदारी से छोड़ा और कई बार झुककर गेंद को निकलने दिया।
लेकिन जैसे ही सिराज ने गेंद की लेंथ में बदलाव किया और फुल लेंथ गेंदें डालनी शुरू कीं, सूर्यवंशी ने मौका नहीं गंवाया। उन्होंने सिराज के एक ओवर में छक्का और दो चौके जड़कर अपना आक्रामक अंदाज दिखा दिया। उनकी बल्लेबाजी देखकर स्टेडियम में मौजूद 12 हजार दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया।
सूर्यवंशी ने कुल 24 गेंदों का सामना करते हुए 34 रन बनाए। उनकी पारी में तीन चौके और एक छक्का शामिल रहा। करीब 93 मिनट तक चली उनकी यह पारी सीवी मिलिंद की गेंद पर समाप्त हुई। सूर्यवंशी ने गेंद को पुल करने की कोशिश की, लेकिन डीप में खड़े स्थानापन्न क्षेत्ररक्षक तनय त्यागराजन ने उनका कैच पकड़ लिया।
वैभव के आउट होने के बावजूद दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ। वे दिन का खेल खत्म होने तक लगातार उनका नाम पुकारते रहे। मैच के बाद सूर्यवंशी ने भी उत्साहित प्रशंसकों के साथ कुछ समय बिताया। इस दौरान उनके प्रति फैंस का प्यार साफ नजर आया।
उनके साथी खिलाड़ी शिखर मोहन ने भी सूर्यवंशी के व्यक्तित्व की तारीफ की। उन्होंने बताया कि युवा बल्लेबाज जमीन से जुड़े हुए हैं और इन सब चीजों के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। उनका ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर रहता है। पूर्व क्षेत्र के कप्तान इशान किशन ने भी सूर्यवंशी को 15 साल के लड़के के लिहाज से बेहद समझदार बताया है।
चेन्नई की ढलती धूप में चेपॉक में दिखा यह नजारा एक बात जरूर साफ कर गया कि वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम उम्र में भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के बीच अपनी खास जगह बना ली है। अभी उनका करियर लंबा है और आगे उन्हें कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा, लेकिन 12 हजार दर्शकों की मौजूदगी और सिराज जैसे अनुभवी गेंदबाज के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी ने बता दिया है कि इस युवा सितारे को लेकर क्रिकेट जगत की उम्मीदें कितनी बड़ी हो चुकी हैं।


