भारतीय अंडर-20 फुटबॉल टीम ने एशियाई फुटबॉल में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। भारत ने बांग्लादेश को 3-0 से हराकर एएफसी अंडर-20 एशियाई कप चीन 2027 के मुख्य चरण के लिए क्वालीफाई कर लिया। ताशकंद के दोस्तलिक स्टेडियम में खेले गए ग्रुप बी के आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और शानदार रणनीति के दम पर बांग्लादेश को कोई मौका नहीं दिया।
इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों में छह अंक हासिल किए और ग्रुप बी में दूसरे स्थान पर अपना अभियान खत्म किया। उज्बेकिस्तान नौ अंकों के साथ ग्रुप में पहले स्थान पर रहा, जबकि सीरिया तीन अंकों के साथ तीसरे और बांग्लादेश बिना किसी अंक के चौथे स्थान पर रहा। भारत को आठ ग्रुपों में दूसरे स्थान पर रहने वाली सात सर्वश्रेष्ठ टीमों में शामिल होने के आधार पर एशियाई कप के मुख्य चरण में जगह मिली है।
भारतीय टीम के लिए यह उपलब्धि इसलिए बेहद खास है क्योंकि वह करीब दो दशक के लंबे इंतजार के बाद एएफसी अंडर-20 एशियाई कप के मुख्य चरण में वापसी कर रही है। युवा खिलाड़ियों के लिए एशिया की मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने का यह बड़ा अवसर होगा। ऐसे मुकाबले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत हालांकि दोनों टीमों के बीच बराबरी की रही। शुरुआती मिनटों में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की रणनीति को समझने की कोशिश की, लेकिन धीरे-धीरे भारतीय टीम ने मैदान पर अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया। 25वें मिनट में डैनी मेइतेई लैशराम ने भारत को पहली सफलता दिलाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
भारत का पहला गोल शानदार दबाव बनाने वाली रणनीति का नतीजा था। डैनी ने बांग्लादेश के डिफेंडर एमडी अब्दुल रियाद फहीम पर दबाव बनाया, जिसके कारण उनसे गेंद छूट गई। हतीम अली ने तुरंत गेंद पर कब्जा किया और दो खिलाड़ियों को छकाते हुए गेंद डैनी तक पहुंचाई। डैनी ने मौके का फायदा उठाते हुए शानदार फिनिश किया और गेंद को गोल के अंदर पहुंचा दिया।
पहला गोल करने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार बांग्लादेश के डिफेंस पर दबाव बनाती रही। 34वें मिनट में डैनी ने सीधे फ्री-किक के जरिए भारत की बढ़त दोगुनी करने की कोशिश की, लेकिन बांग्लादेश के गोलकीपर राज चौधरी ने शानदार बचाव करते हुए उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया।
दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने अपना आक्रामक खेल जारी रखा। 60वें मिनट में भारत को दूसरी सफलता मिली। रिषिकांता के लंबे थ्रो के बाद गेंद भारतीय खिलाड़ियों तक पहुंची और विशाल यादव ने शानदार कलाबाजी करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ भारत की बढ़त 2-0 हो गई और बांग्लादेश की वापसी की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।
दो गोल से पिछड़ने के बाद बांग्लादेश ने जवाबी हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने बेहद संयमित खेल दिखाया। भारतीय खिलाड़ियों ने बांग्लादेश को खतरनाक मौकों से दूर रखा और लगातार मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी।
मुख्य कोच महेश गवली ने 72वें मिनट में डैनी और विशाल को मैदान से बाहर बुलाकर एमडी अरबस और प्रशान जाजो को मैदान पर उतारा। यह बदलाव कुछ ही मिनटों में असरदार साबित हुआ। 79वें मिनट में अरबस ने भारत के लिए तीसरा गोल दाग दिया। याइफारेंबा चिंगाकहम से शुरू हुए इस हमले में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार पास के जरिए बांग्लादेश की रक्षापंक्ति को भेदा और अरबस ने बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाकर गेंद को गोल की छत में पहुंचा दिया।
तीसरा गोल होने के बाद मुकाबले का नतीजा लगभग तय हो चुका था। इसके बाद कोच गवली ने अनिकेत यादव, ओमांग दोदुम और दानियाल मकाकमायुम को भी मैदान पर उतारा। भारतीय टीम ने आखिरी मिनटों में अपनी बढ़त को सुरक्षित रखा और आखिरकार 3-0 की शानदार जीत के साथ एएफसी अंडर-20 एशियाई कप के लिए अपना टिकट पक्का कर लिया।
अब भारतीय युवा टीम के सामने एशिया के बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका होगा। एएफसी अंडर-20 एशियाई कप चीन 2027 का आयोजन 24 मार्च से 10 अप्रैल 2027 तक होना है। इस टूर्नामेंट की शीर्ष चार टीमें 2027 फीफा अंडर-20 विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई करेंगी। ऐसे में भारत के युवा खिलाड़ियों के पास अब केवल एशियाई कप में अच्छा प्रदर्शन करने का ही नहीं, बल्कि विश्व कप में जगह बनाने का भी सुनहरा अवसर होगा। 20 साल के लंबे इंतजार के बाद मिली यह एंट्री भारतीय युवा फुटबॉल के लिए एक नई शुरुआत साबित हो सकती है।


