उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर अपराधियों को सख्त चेतावनी दी है। वाराणसी में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब बेटियों को घर से बाहर निकलने में डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसा माहौल बनाने का काम किया है, जहां बेटियां बिना भय के आगे बढ़ सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साल 2017 में जब उनकी सरकार बनी थी, तब सरकार ने तय किया था कि बेटियों को केवल पढ़ाने और आगे बढ़ाने तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उनके रास्ते से भय को भी पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। उनका कहना था कि बेटियों के मन से डर निकालना और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार ने अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि आज माफिया और गुंडों को स्पष्ट संदेश दिया जा चुका है कि अगर उन्होंने बहन-बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की तो उन्हें कानून की कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि महिलाओं और बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए किसी भी तरह की नरमी की जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि अपराध करने वालों को कानून के तहत सजा भुगतनी होगी। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि अगर कोई बहन-बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करेगा तो उसके लिए जगह जेल होगी या फिर जहन्नुम।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश की बेटियां शिक्षा, रोजगार, खेल और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ें। इसके लिए जरूरी है कि उनके परिवारों के मन से भी सुरक्षा को लेकर चिंता दूर हो। उन्होंने कहा कि जब बेटियां सुरक्षित महसूस करेंगी, तभी वे अपनी प्रतिभा और क्षमता का पूरा इस्तेमाल कर पाएंगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून व्यवस्था में आए बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया है और पुलिस-प्रशासन को भी कानून के मुताबिक प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे और अपराधियों के मन में कानून का डर बना रहे।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को भी इसके लिए अपनी भूमिका निभानी होगी। परिवार, समाज और प्रशासन मिलकर ऐसा वातावरण बना सकते हैं जिसमें बेटियों को किसी तरह के भेदभाव या डर का सामना न करना पड़े।
वाराणसी में मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर लगातार चर्चा होती रहती है। योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के जरिए सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि महिलाओं और बेटियों के खिलाफ अपराध करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।
मुख्यमंत्री की इस चेतावनी के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था का मुद्दा चर्चा में है। योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया कि सरकार महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के मामले में किसी तरह का समझौता करने के पक्ष में नहीं है और अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।


