उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या से लंबे समय से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा अचानक इस कदर फूट पड़ा कि उन्होंने टावर कर्मी को ही पकड़कर खंभे से बांध दिया। मामला बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव का बताया जा रहा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है और शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। इसी नाराजगी के बीच गुरुवार शाम जब टावर कर्मी गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने उसे घेर लिया।
बताया जा रहा है कि हरदौली गांव के लोग मोबाइल नेटवर्क की खराब स्थिति से काफी समय से परेशान थे। नेटवर्क कमजोर होने की वजह से ग्रामीणों को फोन कॉल करने और रिसीव करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता था। इतना ही नहीं, मोबाइल इंटरनेट की सुविधा भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। आज के दौर में मोबाइल नेटवर्क लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। पढ़ाई से लेकर ऑनलाइन काम, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और सरकारी सेवाओं तक के लिए इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क पर निर्भरता बढ़ गई है। ऐसे में लगातार नेटवर्क की समस्या से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही थी।
इसी बीच गुरुवार शाम टावर कर्मी किसी काम के सिलसिले में गांव के मोबाइल टावर परिसर में पहुंचा। ग्रामीणों की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। देखते ही देखते ग्रामीणों और टावर कर्मी के बीच विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि गुस्साए ग्रामीणों ने टावर कर्मी को पकड़ लिया और टावर परिसर में मौजूद एक खंभे से बांध दिया। इस दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टावर कर्मी को किन परिस्थितियों में खंभे से बांधा गया और इस घटना में कितने लोग शामिल थे। साथ ही पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ग्रामीणों और टावर कर्मी के बीच पहले से कोई विवाद था या फिर सिर्फ नेटवर्क की समस्या को लेकर ही यह पूरा मामला सामने आया।
ग्रामीणों की नाराजगी की वजह भले ही मोबाइल नेटवर्क की समस्या बताई जा रही हो, लेकिन किसी व्यक्ति को पकड़कर खंभे से बांधना कानून अपने हाथ में लेने जैसा है। अगर किसी इलाके में मोबाइल नेटवर्क को लेकर समस्या है तो संबंधित कंपनी और प्रशासन से शिकायत कर उसका समाधान कराने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। किसी कर्मचारी के साथ इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं माना जा सकता। पुलिस अब इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
हरदौली गांव की घटना ने मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी डिजिटल सुविधा को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद समस्याओं को भी सामने ला दिया है। ग्रामीणों की नाराजगी इस बात को लेकर बताई जा रही है कि लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं हो रहा था। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नेटवर्क समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पहले कितनी शिकायतें की थीं और संबंधित टावर कंपनी की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी।
फिलहाल इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में इसकी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और वायरल वीडियो समेत अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और टावर कर्मी को खंभे से बांधने वाले लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। वहीं ग्रामीणों की असली समस्या यानी मोबाइल नेटवर्क की समस्या का समाधान कब होता है, यह भी देखने वाली बात होगी। घटना ने यह जरूर दिखा दिया है कि लंबे समय से बनी किसी बुनियादी समस्या को नजरअंदाज करने से लोगों में किस तरह नाराजगी बढ़ सकती है, लेकिन विरोध जताने का तरीका कानून के दायरे में होना बेहद जरूरी है।


