30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुई घटना ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। विमान में सवार यात्रियों की जिंदगी उस समय खतरे में पड़ गई, जब ओमानी मूल के सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने कथित तौर पर कॉकपिट में भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। उस समय विमान हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। हमले के बाद विमान का संतुलन बिगड़ गया और कुछ समय के लिए यात्रियों की जान पर गंभीर खतरा मंडराने लगा।
रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट में मौजूद क्रैश-एक्स से कप्तान पर हमला किया था। हमले में कप्तान घायल हो गए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। विमान के नियंत्रण को बनाए रखने की कोशिश जारी रही। इसी दौरान यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों ने भी स्थिति को संभालने में मदद की और कथित हमलावर को काबू करने की कोशिश की गई। आखिरकार विमान को सुरक्षित तरीके से उतार लिया गया और बड़ी संख्या में यात्रियों की जान बच गई।
घटना की जांच आगे बढ़ने के साथ ही कथित साजिश को लेकर कई गंभीर दावे सामने आए हैं। जांच से जुड़ी रिपोर्टों में कहा गया है कि सह-पायलट का इरादा विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करने का था। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि उसका संभावित निशाना इजराइल में बेन गुरियन एयरपोर्ट या तेल अवीव की ऊंची इमारतें हो सकती थीं। अगर जांच में ये दावे सही साबित होते हैं तो यह मामला केवल विमान के अपहरण की कोशिश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक बड़े आतंकी हमले की साजिश के तौर पर देखा जा सकता है।
जांच एजेंसियां इस मामले में आरोपी की पुरानी गतिविधियों को भी खंगाल रही हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार, वह पहले ओमान एयर से जुड़ा हुआ था। उसके बारे में कथित तौर पर कट्टरपंथी वेबसाइटों तक पहुंच होने की जानकारी सामने आने के बाद उसे उड़ान से जुड़ी जिम्मेदारियों से हटाकर दूसरी भूमिका में भेजा गया था। बाद में उसने वह नौकरी छोड़ दी। अब जांच का एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि अगर उसके अतीत को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं तो बाद में उसे विमान उड़ाने से जुड़ी जिम्मेदारी कैसे मिली।
इस घटना के बाद संयुक्त अरब अमीरात ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। मामले में आतंकवाद के एंगल से भी जांच की जा रही है। हालांकि, अभी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और अदालत की ओर से अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपी को दोषी ठहराने या उसकी सजा को अंतिम मान लेना फिलहाल जल्दबाजी होगी।
कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि अगर आरोपी पर लगे गंभीर आरोप अदालत में साबित होते हैं तो उसे यूएई में मौत की सजा का सामना करना पड़ सकता है। फायरिंग स्क्वाड से सजा दिए जाने की चर्चाएं भी सामने आई हैं, लेकिन इस संबंध में अंतिम आधिकारिक फैसला अभी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में मौत की सजा को लेकर सामने आ रही खबरों को जांच और न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर भारतीय कप्तान स्मित मच्छार की बहादुरी को लेकर भी चर्चा तेज है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी संसद में उनके साहस और यात्रियों की जान बचाने में निभाई गई भूमिका को सम्मानित किया गया है। विमान के अंदर पैदा हुई बेहद गंभीर स्थिति के बावजूद उन्होंने नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की और यात्रियों को सुरक्षित बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पूरी घटना ने अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित हमले की योजना कब बनाई गई थी, आरोपी के इरादों की जानकारी पहले से किसी एजेंसी को थी या नहीं और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और भी खुलासे सामने आने की संभावना है।


