बिहार के मुंगेर जिले से शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची उत्पात विभाग की टीम पर हमले का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शराब की अवैध बिक्री और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची टीम को कथित शराब माफियाओं ने निशाना बना लिया। टीम पर अचानक पथराव शुरू कर दिया गया, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर समेत पांच लोग घायल हो गए। हमले के दौरान सरकारी वाहन को भी नुकसान पहुंचा और उसके शीशे टूट गए।
जानकारी के मुताबिक, उत्पात विभाग की टीम मुंगेर में शराब से जुड़े मामले में कार्रवाई करने के लिए एक इलाके में पहुंची थी। टीम का उद्देश्य अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाना और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना था। जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, वहां मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि टीम पर पथराव किया जाने लगा।
अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पथराव की चपेट में आने से उत्पात विभाग के एक सब-इंस्पेक्टर सहित कुल पांच लोग घायल हो गए। हमलावरों ने सरकारी वाहन को भी निशाना बनाया। पत्थर लगने से वाहन के शीशे टूट गए और टीम को वहां से सुरक्षित निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले में और कितने लोग शामिल थे और इस घटना की पूरी साजिश के पीछे कौन लोग थे।
शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ बिहार में लगातार कार्रवाई की जाती रही है। इसी कार्रवाई के दौरान टीम पर हमला होना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करता है। सरकारी टीम जब कानून के तहत कार्रवाई करने पहुंचती है और उस पर ही पथराव किया जाता है, तो इससे प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ जाती है। इस घटना ने यह भी दिखाया है कि शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोग कार्रवाई से बचने के लिए किस हद तक विरोध कर सकते हैं।
हमले में घायल हुए सभी लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और घटना के दौरान मौजूद लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि जिस जगह कार्रवाई के लिए टीम पहुंची थी, वहां शराब का अवैध कारोबार किस स्तर पर चल रहा था। पुलिस गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों के अलावा अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर सकती है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश होगी कि टीम पर हमला अचानक हुआ या फिर कार्रवाई का विरोध करने के लिए पहले से तैयारी की गई थी।
इस घटना के बाद इलाके में शराब के अवैध कारोबार और उससे जुड़े नेटवर्क को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन के सामने अब चुनौती सिर्फ अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई करने की नहीं, बल्कि ऐसी कार्रवाई के दौरान टीम की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी है।
फिलहाल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि हमले में कौन-कौन लोग शामिल थे और शराब के अवैध कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा था। वहीं, उत्पात विभाग की टीम पर हुए इस हमले ने मुंगेर में शराब माफियाओं के कथित हौसले और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


